मुंबई | लॉकडाउन को करीब-करीब डेढ़ महीने होने को आग गए थे। मगर शराब से गला तर करने वालों को कोई गुड न्‍यूज ना मिली। आखिरकार सरकार ने उनकी सुनी और 1 मई को 'मजदूर दिवस' पर ऐलान कर दिया कि 4 मई से ठेके खुल जाएंगे। यूं तो लॉकडाउन का भी तीसरा चरण एनाउंस हुआ मगर शराबियों के लिए सबसे अहम बात ऑर्डर के अनेक्सर में डाली गई। सोशल मीडिया पर खुशी की लहर दौड़ गई। मगर बॉलिवुड गीतकार-पटकथा लेखक जावेद अख्‍तर के गले यह फैसला नहीं उतर रहा है।

जावेद साहब ने किया विरोध, मच गया हंगामा
जावेद अख्‍तर साहब ने 2 मई की सुबह साढ़े ग्‍यारह बजे एक ट्वीट किया। इसमें लिखते हैं, "लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें खोलने के विनाशकारी नतीजे होंगे। सभी तरह के सर्वे के मुताबिक, आजकल घरेलू हिंसा बड़े पैमाने पर बढ़ गई है। शराब इन दिनों को महिलाओं और बच्‍चों के लिए और खतरनाक बनाएंगी।" इतना लिखकर उन्‍होंने 'ट्वीट' का बटन दबा दिया। फिर क्‍या था, लोग तो डेढ़ महीने से भरे बैठे थे। सुनाना शुरू कर दिया।

'सरकार कुछ भी करे, विरोध करना है'
पवन लोहिया को जावेद अख्‍तर के इस ट्वीट से बड़ी दिक्‍कत हुई। उन्‍होंने लिखा, "माने कहां से लाते हैं ये सब सियापा। आपको लगता है कि शराब वैसे नहीं मिल रही है। और अगर इससे घरेलू हिंसा होती है तो सामान्‍य दिनों में भी इसे अलाउ क्‍यों किया जाना चाहिए। सरकार कुछ भी करे, विरोध करना है।" एक अन्‍य यूजर ने मजाकिया लहजे में लिखा, "आज आपको करोड़ों की हाय लगने वाली है।" सुनील अरोड़ा ने कहा कि ये बकवास लॉजिक है।